हर कदम के साथ चढ़ता रहा डीआरएम का पारा:
कानपुर, जागरण संवाददाता: डीआरएम के निरीक्षण के साथ रेलवे अधिकारियों का पसीना निकला तो साढ़े तीन घंटे तक बदस्तूर निकलता रहा। इस बीच डांट, फटकार और यात्रियों की सुविधाओं पर नसीहत भी अधिकारियों को मिलती रही। हालांकि इसका असर कितना होगा यह देखने की बात है।
शुक्रवार को डीआरएम वीके त्रिपाठी प्रयागराज एक्सप्रेस से सेंट्रल पहुंचे। सुबह 11 बजे से निरीक्षण की शुरूआत सीओ जीआरपी कार्यालय के पास लगे पानी के पाइप से हुई। यहां एक अधिकारी को फटकार लगाई तो वह पूरा समय पीछे ही रहे। जीआरपी के बाहर लगे खोया पाया पोस्टर को देखकर भड़के और उन्हें साफ कर एक बोर्ड पर लगाने के निर्देश दिए। सेंट्रल पर फैली स्याही और टूटे पत्थर देखकर उनका पारा चढ़ा तो अधिकारियों ने आनन फानन सफाई कराई। वेटिंग रूम में जमीन पर लेटे यात्रियों को देखकर फिर अफसरों के कान खींचे। पैदल पुल से होते हुए प्लेटफार्म 2 और 3 पर पहुंचे। यहां सफाई होते देख फिर भड़के। कहा मेरे सामने सफाई हो रही है तो रोज क्या होता होगा। पानी के पाइपों पर तेज प्रेशर देखकर उसे सही करने को कहा। यहां से सुरंग के रास्ते प्लेटफार्म 8 पर पहुंचे। गंदगी देखकर अधिकारियों को चेतावनी दी। कहा पहली बार है इसलिए छोड़ रहा हूं दोबारा कार्रवाई होगी। एसी से निकलकर फील्ड में रहो तो निरीक्षण की जरूरत ही न पड़े। निरीक्षण के दौरान सख्ती के मूड में दिख रहे डीआरएम का रुख बाद में लचीला हो गया। उन्होंने सेंट्रल पर सफाई, दुरुस्त व्यवस्था और सुविधाओं के लिए यात्रियों को भी बराबर का जिम्मेदार बताया और जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी।
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रेलवे जो कुछ करता है वह यात्रियों के लिए है। इसलिए उनकी भी बराबर की जिम्मेदारी है। सिस्टम बहुत बड़ा है इसलिए छोटी चूक संभव है लेकिन लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी। वीके त्रिपाठी, डीआरएम इलाहाबाद मंडल
शुक्रवार को डीआरएम वीके त्रिपाठी प्रयागराज एक्सप्रेस से सेंट्रल पहुंचे। सुबह 11 बजे से निरीक्षण की शुरूआत सीओ जीआरपी कार्यालय के पास लगे पानी के पाइप से हुई। यहां एक अधिकारी को फटकार लगाई तो वह पूरा समय पीछे ही रहे। जीआरपी के बाहर लगे खोया पाया पोस्टर को देखकर भड़के और उन्हें साफ कर एक बोर्ड पर लगाने के निर्देश दिए। सेंट्रल पर फैली स्याही और टूटे पत्थर देखकर उनका पारा चढ़ा तो अधिकारियों ने आनन फानन सफाई कराई। वेटिंग रूम में जमीन पर लेटे यात्रियों को देखकर फिर अफसरों के कान खींचे। पैदल पुल से होते हुए प्लेटफार्म 2 और 3 पर पहुंचे। यहां सफाई होते देख फिर भड़के। कहा मेरे सामने सफाई हो रही है तो रोज क्या होता होगा। पानी के पाइपों पर तेज प्रेशर देखकर उसे सही करने को कहा। यहां से सुरंग के रास्ते प्लेटफार्म 8 पर पहुंचे। गंदगी देखकर अधिकारियों को चेतावनी दी। कहा पहली बार है इसलिए छोड़ रहा हूं दोबारा कार्रवाई होगी। एसी से निकलकर फील्ड में रहो तो निरीक्षण की जरूरत ही न पड़े। निरीक्षण के दौरान सख्ती के मूड में दिख रहे डीआरएम का रुख बाद में लचीला हो गया। उन्होंने सेंट्रल पर सफाई, दुरुस्त व्यवस्था और सुविधाओं के लिए यात्रियों को भी बराबर का जिम्मेदार बताया और जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी।
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रेलवे जो कुछ करता है वह यात्रियों के लिए है। इसलिए उनकी भी बराबर की जिम्मेदारी है। सिस्टम बहुत बड़ा है इसलिए छोटी चूक संभव है लेकिन लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी। वीके त्रिपाठी, डीआरएम इलाहाबाद मंडल
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