Sunday, 22 June 2014

 हवा हवाई रेलबजट में फंसा सेंट्रल:

जमीर सिद्दीकी, कानपुर
रेलमंत्री जी, आप रेलवे को आर्थिक तंगी से उबारना चाहते हैं, यात्रियों को सुविधाएं देने की भी सोच रहे हैं तो इस सोच में कानपुर सेंट्रल स्टेशन को मत भूलना क्योंकि पिछले एक दशक से जितनी बार रेल बजट पेश किया गया, उसमें कभी सेंट्रल स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने का ख्वाब दिखाया गया तो कभी स्टेशन को रंगीन फव्वारों में जगमगाने की बात की गयी, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
केंद्र की मोदी सरकार ने 14.2 प्रतिशत रेल किराया बढ़ा दिया है। रेलमंत्री का कहना है कि किराया इसलिये बढ़ाया है कि यात्रियों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिये, वह नहीं मिल पा रही है और अब देशवासी भी इस पर सहमत हैं कि किराया बढ़ना चाहिये। अपना महानगर भी यही कह रहा है कि किराया बढ़ाना उचित है, लेकिन सुविधाएं भी मिलें। ये इसलिये कहा जा रहा है क्योंकि लोगों को ट्रेनों में सफर करने का बड़ा खराब अनुभव हो रहा है। कभी 24 घंटे ट्रेन लेट तो कभी पानी के लिये हंगामा, आये दिन एसी खराब होने पर यात्री हंगामा करते हैं।
इंसेट) जरा सेंट्रल की हालत देखिए
ø हर प्लेटफार्म पर लगा पूछताछ सिस्टम चालू ही नहीं किया।
ø ट्रैक की कई-कई दिनों तक सफाई नहीं होती, दुर्गध से यात्रियों का बुरा हाल होता।
ø कब कौन सी ट्रेन का प्लेटफार्म बदल जाये, सैकड़ों लोग भगदड़ से बचने के लिए फुटओवर ब्रिज पर ही ट्रेन का इंतजार करते।
ø ट्रेनों में भीषण गर्मी में भी कई कोचों पंखे तक नहीं चलते, कई बहुत आवाज करते।
ø ट्रेन किधर जा रही, कोई संकेतक नहीं होता।
ø सिटी साइड में फव्वारा और खूबसूरत बनाने के नाम पर तोड़ दिया गया।
ø कैंट व सिटी साइड में वाहन स्टैण्ड फैलता जा रहा है।
ø दो स्वचालित सीढ़ी सिटी साइड में लगी है, लेकिन उतरने के लिए कोई नहीं। कैंट साइड में कोई स्वचालित सीढ़ी नहीं।
ø प्लेटफार्मो पर बैठने के लिये पर्याप्त संख्या में बेंच नहीं है जिससे लोग फर्श पर ही बैठते हैं।
ø गोविंदपुरी स्टेशन की नयी बिल्डिंग पांच वर्षो में तैयार नहीं हो पायी।
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सेंट्रल स्टेशन का कई चरणों में निरीक्षण हुआ है और यात्री सुविधाएं बढ़ायी जायेंगी।
नवीन बाबू, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य जोन।

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