बरियारपुर-मननपुर रेल लाइन परियोजना ठंडे बस्ते से निकलने की आस:
बरियारपुर (मुंगेर), संवाद सूत्र : केंद्रीय सरकार द्वारा पूर्व की सरकारों द्वारा पारित सभी लंबित रेल परियोजना के पूरा करने की घोषणा के बाद बरियारपुर प्रखंड सहित खड़गपुर अनुमंडल के लोगों में बरियारपुर-मननपुर रेल परियोजना के शुरू होने की आशा जगी है। लोगों के जेहन से उतर चुकी इस लंबित रेल परियोजना को फिर से शुरू कराने क लिए नवनिर्वाचित सांसद पर लगी है।
विदित हो कि वर्ष 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में बरियारपुर-मननपुर रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास किया था तथा इसे 2008-2009 के रेल बजट में शामिल कराया था। उस समय लोगों को लगा था कि इस रल लाइन के बनने से लोगों को सीधे जमुई में मेन लाइन से जुड़ने का मौका मिलेगा तथा झारखंड एवं देश के दक्षिणी भाग में जाने के लिए किऊल या कोलकाता ट्रेन पकड़ने जाना नहीं पड़ेगा, लेकिन 2009 के चुनाव बाद केंद्र में ममता बनर्जी के रेल मंत्री बनते ही 2010 के बजट में मात्र एक लाख रुपये की राशि सर्वे के लिए आवंटित की गई। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि सर्वे का काम कुछ हद तक हुआ भी, लेकिन इसके बाद के बजट में इस रेल लाइन के लिए राशि का प्रावधान नहीं हुआ। जिससे आगे का काम नहीं हो पाया। सुशील कुमार शर्मा, ओमप्रकाश, मनोज कुमार, संजय साह सहित अन्य का कहना है कि अगर इस रेल लाइन के बनने का काम शुरू हो जाता है तो लोगों को काफी आसानी होती तथा खड़गपुर तथा जमुई जाने के लिए भी लोगों को अत्यधिक विकल्प मिलता। इस संबंध में सांसद वीणा देवी का कहना है कि इस क्षेत्र की लंबित सभी रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए वे प्रयास करेगी तथा बजट में शामिल हो, इसके लिए रेल मंत्री से भी बात की जाएगी।
स्थानीय विधायक अनंत कुमार सत्यार्थी ने इस परियोजना को जनोपयोगी बताया तथा इसके लिए हमेशा तत्पर रहने की बात की।
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लोगों की प्रतिक्रिया
राजद प्रखंड अध्यक्ष डॉ. देवकीनंदन सिंह का कहना है कि यह रेल लाइन कई प्रखंडों के लोगों के लिए लाइफ लाइन का काम करेगा। इसे जल्द शुरू करवाया जाना चाहिए। लोजपा नेता विनय कुमार गुड्डू का कहना है कि यह जनोपयोगी कार्य है, इससे रेल हर क्षेत्र में पहुंचने में सहायक होगी। मुखिया मणिकांत शर्मा ने कहा कि पांच वर्षो तक इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अगर बिहार का रेलमंत्री होता तो निश्चित रूप से यह कार्य शुरू हो गया होता। राजीव कुमार ने कहा कि इस रेल लाइन के बन जाने से भागलपुर से लेकर जमालपुर तक के लोगों को दक्षिण भारत जाने में समय की बचत होती। चरित्र पासवान ने कहा कि बरियारपुर-मननपुर रेल लाइन के बन जाने स बरियारपुर से लक्ष्मीपुर तक के लोगों की अधिक स्थिति सुदृढ़ होती तथा व्यापारियों को आम जनता के साथ-साथ लाभ होता।
विदित हो कि वर्ष 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में बरियारपुर-मननपुर रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास किया था तथा इसे 2008-2009 के रेल बजट में शामिल कराया था। उस समय लोगों को लगा था कि इस रल लाइन के बनने से लोगों को सीधे जमुई में मेन लाइन से जुड़ने का मौका मिलेगा तथा झारखंड एवं देश के दक्षिणी भाग में जाने के लिए किऊल या कोलकाता ट्रेन पकड़ने जाना नहीं पड़ेगा, लेकिन 2009 के चुनाव बाद केंद्र में ममता बनर्जी के रेल मंत्री बनते ही 2010 के बजट में मात्र एक लाख रुपये की राशि सर्वे के लिए आवंटित की गई। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि सर्वे का काम कुछ हद तक हुआ भी, लेकिन इसके बाद के बजट में इस रेल लाइन के लिए राशि का प्रावधान नहीं हुआ। जिससे आगे का काम नहीं हो पाया। सुशील कुमार शर्मा, ओमप्रकाश, मनोज कुमार, संजय साह सहित अन्य का कहना है कि अगर इस रेल लाइन के बनने का काम शुरू हो जाता है तो लोगों को काफी आसानी होती तथा खड़गपुर तथा जमुई जाने के लिए भी लोगों को अत्यधिक विकल्प मिलता। इस संबंध में सांसद वीणा देवी का कहना है कि इस क्षेत्र की लंबित सभी रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए वे प्रयास करेगी तथा बजट में शामिल हो, इसके लिए रेल मंत्री से भी बात की जाएगी।
स्थानीय विधायक अनंत कुमार सत्यार्थी ने इस परियोजना को जनोपयोगी बताया तथा इसके लिए हमेशा तत्पर रहने की बात की।
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लोगों की प्रतिक्रिया
राजद प्रखंड अध्यक्ष डॉ. देवकीनंदन सिंह का कहना है कि यह रेल लाइन कई प्रखंडों के लोगों के लिए लाइफ लाइन का काम करेगा। इसे जल्द शुरू करवाया जाना चाहिए। लोजपा नेता विनय कुमार गुड्डू का कहना है कि यह जनोपयोगी कार्य है, इससे रेल हर क्षेत्र में पहुंचने में सहायक होगी। मुखिया मणिकांत शर्मा ने कहा कि पांच वर्षो तक इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अगर बिहार का रेलमंत्री होता तो निश्चित रूप से यह कार्य शुरू हो गया होता। राजीव कुमार ने कहा कि इस रेल लाइन के बन जाने से भागलपुर से लेकर जमालपुर तक के लोगों को दक्षिण भारत जाने में समय की बचत होती। चरित्र पासवान ने कहा कि बरियारपुर-मननपुर रेल लाइन के बन जाने स बरियारपुर से लक्ष्मीपुर तक के लोगों की अधिक स्थिति सुदृढ़ होती तथा व्यापारियों को आम जनता के साथ-साथ लाभ होता।
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